जावेद अली के नाम रही अंतिम संध्या

चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में प्ले बैक सिंगर जावेद अली ने खूब धमाल मचाया। उन्होंने तइयाब अली प्यार का दुश्मन, चुगलियां, इक दिन तेरी राहों में, तुम तक, मौला मेरे मौला गीत गाए। इससे पहले हास्य कलाकार रविंद्र जोनी ने लोगोें को हंसाया। अंतिम सांस्कृतिक संध्या में मुख्यातिथि के तौर पर मुख्यमंत्री ने शिरकत की। उनके साथ वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, विधायक आशा कुमारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू, वन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया, पीसीसी सचिव पवन नैय्यर, अमित भरमौरी व अन्य मेहमान मौजूद थे। सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक पीयूष राज और दीक्षा पीयूष ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। पीयूष राज ने सांय-सांय मत कर राविये, सैली डालिए तू कियां बडणी, राजा तेरे गोरखेया ने, छैल-छैल कुडी सुपने जे आंदी, तेरी मोहब्बता ने मार दिता गाने गाए। दीक्षा पीयूष ने मांए नी मेरिये, चाहूं मैं आना, अमरसरिया, आ जरा, रात बाकी है, जीया रे जीया, लत लग गई गाने गाकर दर्शकों की वाहवाही लूटी। अंतिम सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत में गैहरा के लोक गायक मुनीश कुमार ने खूब समां बांधा। उन्होंने रात श्याम सपने में आए, भेड़ा के रेया पालणुआ गाने गाकर दर्शकों की तालियां बटोरीं। विकासशील युवक मंडल कीड़ी के कलाकारों कर्म चंद, जगत राम, विकास, सविता, अनिता, रेखा ने साहो जातरा जो जाणा, भेड़ा के रेया पालणुआ, सीकरियो धारो, चंबा आर की नदियां पार, तंबू लगे धारा री कनारे मेरी नारो पर लोकनृत्य पेश किया। महाकाली सांस्कृतिक दल गरोला, सन्नी कुमार चंबा, संदीप कुमार चंबा, अरुण, दीपक शर्मा, रजत अली, अश्वनी शर्मा ने भी गाने गाए। गोजरी सांस्कृतिक दल साहो ने भी आकर्षण नृत्य पेश किया। चंबा की स्वाति चौहान ने भी काफी वाहवाही लूटी। उन्होंने गली में मारे फेरे पास आने को तेरे अमरसरिया, जीया रे जिया गाने गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद अनिल कुमार लिल्ह, मुकेश, रजिंद्र और शर्मा ग्रुप भरमौर, सरिता शर्मा, किरण डांस ग्रुप कंडाघाट ने अपनी प्रस्तुतियां दी। कबीरा कला मंच जोगिंद्रनगर, प्रभजोत चंबा, रोशनी जस्टा म्यूजिकल ग्रुप, सुनील राणा म्यूजिकल ग्रुप धर्मशाला के कलाकारों ने भी धमाकेदार प्रस्तुतियां दीं।

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